एक और भारतीय लड़ेगा WWE चैंपियनशिप में


कुश्ती के प्रति लगन तो खूब थी, लेकिन गांव में अखाड़ा नहीं था। गांव बाघडू के सतेंद्र डागर ने पहले अखाड़ा तैयार किया। फिर निरंतर मेहनत की। एक दो नहीं तीन बार हिंद केसरी का खिताब जीता। अब वर्ल्ड रेसलिंग एंटरटेनमेंट यानी डब्ल्यूडब्ल्यूई के रिंग तक वह पहुंच गया है।



डब्ल्यूडब्ल्यूई की टीम चंडीगढ़ में साक्षात्कार के लिए पहुंची थी। डागर के मजबूत शरीर को देखकर डब्ल्यूडब्ल्यूई की टीम प्रभावित हुई। उसे टेस्ट करने के लिए दुबई लेकर गए, जहां दस देशों के पहलवान मौजूद थे। छह घंटे तक लगातार अभ्यास के जरिए उसका स्टेमिना जांचा।



सतेंद्र ने बताया कि वह वहां बसने नहीं आया है। जल्द ही गांव लौटेगा और विश्वस्तरीय कुश्ती एकेडमी की स्थापना करेगा, ताकि युवाओं को अभ्यास को भटकना पड़े।



अमेरिका से फोन पर सतेंद्र ने बताया कि इस सफलता में पिता वेदपाल डागर, भाई सुधीर और दोस्तों ने सहयोग दिया। पत्नी जगजीत कौर ने जिस प्रकार मनोवैज्ञानिक रूप से उन्हें तैयार किया वह गजब रहा।







Source: therednews.com

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